वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम
जालंधर 25 सितंबर (सुमेश शर्मा)- वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के गौरवपूर्ण अवसर पर सर्वहितकारी केशव विद्या निकेतन, जालंधर में राष्ट्रभक्ति, एकता एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से ओत-प्रोत ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्यगण, अभिभावकों तथा प्रबंध समिति के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री नवदीप ( विभाग प्रचारक आर. एस. एस.) मुख्य विशिष्ट अतिथि उद्योगपति ज्योति प्रकाश (विशाल टूल), योगेश , गिरधारी लाल , विद्यालय के प्रधान रजनीश धवन , प्रबंधक मनीष शर्मा, प्रबंध समिति की सदस्य सरोज ठाकुर, कविता शर्मा एवं सीमा धूम्म्ल , सुवीत पासी , विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविंद बैंस , उप-प्रधानाचार्या कामिनी , प्राइमरी विंग की इंचार्ज चंनप्रीत कौर , प्रांतकार्यलय से अंकुश , मानव , अशोक कलिया , मोहित और समाज से आये डॉक्टर रोहित शर्मा , सुरिंदर पासी , जवाहर लाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
मंगल दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगल दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर इसके ऐतिहासिक एवं राष्ट्रभाव से जुड़े महत्व पर प्रकाश डाला गया।
मुख्य वक्ता नवदीप ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं समर्पण की भावना की अभिव्यक्ति है। इसमें भारत माता की वंदना के साथ-साथ भारत की धरती, जल, वृक्षों एवं प्राकृतिक संपदा के प्रति सम्मान का भाव भी निहित है।
‘एक स्वर, एक लय, एक स्थान ’ से गूंजा विद्यालय परिसर
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों, आचार्यगण, अभिभावकों एवं उपस्थित अतिथियों द्वारा सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन रहा। ‘एक स्वर, एक लय, एक स्थान ’ के भाव ने पूरे कार्यक्रम को एकता एवं राष्ट्रसमर्पण के रंग में रंग दिया।
इस अवसर पर भारत माता का जयघोष भी किया गया। उपस्थित जनसमूह के सामूहिक स्वर से विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति की भावना से गुंजायमान हो उठा।
गणमान्य अतिथियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से गणमान्य अतिथियों का शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।
उद्योगपति ज्योति प्रकाश ने अपने संबोधन में वंदे मातरम् को भारत माता की वंदना का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर विद्यालय की एक छात्रा ने वंदे मातरम् पर सुंदर कविता प्रस्तुत की, जिसने वातावरण को भावपूर्ण एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
गिरधारी लाल ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को राष्ट्र के भविष्य का आधार बताते हुए शिक्षा, संस्कार, अनुशासन एवं परिश्रम के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाचार्य अरविंद बैंस ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों, प्रबंध समिति के सदस्यों, अभिभावकों, आचार्यगण एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के योगदान की सराहना की।
सम्पूर्ण ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम ने विद्यालय परिसर को राष्ट्रभक्ति, एकता, अनुशासन एवं मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से भर दिया। वंदे मातरम् के सामूहिक स्वर ने यह संदेश दिया कि जब अनेक कंठ एक स्वर, एक लय और एक ताल में जुड़ते हैं, तो राष्ट्रभावना और भी सशक्त होती है।

