Hindi

स्कालरशिप पर चल रही राजनीती से कॉलेजों और गरीब छात्रों का भविष्य खतरे में

स्कालरशिप

जालंधर 4 सितंबर (जसविंदर सिंह आजाद)- कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ कॉलेज एंड स्कूल्ज ऑफ़ पंजाब द्वारा एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें चेयरमैन अश्वनी सेखड़ी, अध्यक्ष अनिल चोपड़ा, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ पॉलिटेक्निक एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन शर्मा, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव चोपड़ा, कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ डिग्री कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष तलविंदर सिंह राजू आदि शामिल हुए। सभी अध्यक्षों ने पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप स्कीम को लेकर चल रही राजनीती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस राजनीती के कारण अनएडिड कॉलेज का और एस.सी गरीब छात्रों का भविष्य खतरे में है। उन्होंने कहा कि पुराने पैसे भी अभी तक बकाया है और नई राशि का विवाद खड़ा हो गया है।
चेयरमैन अश्वनी सेखड़ी ने माननीय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह द्वारा दिए गए बियान जिनमें उन्होंने बोला था कि वह तब तक अपने मंत्री पर कोई करवाई नहीं करेंगे जब तक कोई इलजाम साबित नहीं होता जा कोई सबूत नहीं मिलता, के लिए धन्यवाद किया।
विपिन शर्मा, तलविंदर सिंह राजू, संजीव चोपड़ा ने राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि स्कालरशिप मामले पर करवाई की जाये लेकिन कॉलेजों और छात्रों को लिए कोई सुरक्षित नीति तैयार की जाये जिससे कि उन्होंने किसी परेशानी का सामना ना करना पड़े।
अध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने कहा कि कोविड-19 के कारण लोगों की आर्थिक हालात कमजोर हैं जिससे कि एस.सी छात्रों के इलावा जो अन्य छात्र संस्थानों में पढ़ रहे हैं फीस नहीं दे पा रहे और ना ही स्कालरशिप की राशि आ रही है जिस से पंजाब के लगभग सभी कॉलेज बंद होने की कगार पर हैं। अगर कॉलेज बंद हो गए तो पंजाब में पढ़ रहे 10 लाख छात्रों को दूसरे राज्यों जैसे दिल्ली, पुणे, महाराष्ट्र आदि में जाकर उच्च पढाई करनी पड़ेगी और कॉलेज के 3.5 लाख स्टाफ बेरोजगार हो जाएंगे क्योंकि सरकार के पास इतने कॉलेज नहीं है कि वह इतने छात्रों को बढ़िया शिक्षा दे सके और स्टाफ को रोजगार दे सके।
इसके अतिरिक्त सभी मेंबर्स ने कॉलेजों को बंद/दिवालिया होने से बचाने के लिए जल्द से जल्द सेंटर सरकार द्वारा पंजाब सरकार को दी गई 309 करोड़ की राशि को कॉलेजों को जारी करने का निवेदन किया और माननीय प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी को कोविड-19 को देखते हुए और गरीब छात्रों की अच्छी शिक्षा देने के लिए स्कालरशिप स्कीम को 5 साल बढ़ने के लिए कहा।